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Showing posts from April, 2021

लिज्जत पापड़ के ब्रांड बनने की कहानी:7 महिलाओं ने 80 रुपए कर्ज लेकर शुरू किया काम; पहला मुनाफा 50 पैसे, अब है 1600 करोड़ रुपए टर्नओवर

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लिज्जत पापड़ के ब्रांड बनने की कहानी:7 महिलाओं ने 80 रुपए कर्ज लेकर शुरू किया काम; पहला मुनाफा 50 पैसे, अब है 1600 करोड़ रुपए टर्नओवर       चाय कॉफी के संग भाए, कर्रम कुर्रम - कुर्रम कर्रम                                       मेहमानों को खुश कर जाए, कर्रम कुर्रम - कुर्रम कर्रम                                 मजेदार, लज्जतदार, स्वाद स्वाद में लिज्जत - लिज्जत पापड़! 90 के दशक से ये जिंगल लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। उसी जुबान पर चढ़ा है लिज्जत पापड़ का स्वाद भी। लिज्जत पापड़ की शुरुआत 7 गुजराती महिलाओं ने 80 रुपए कर्ज लेकर की थी। आज महिलाओं की संख्या 7 से बढ़कर 45 हजार हो गई है और 80 रुपए का कर्ज अब 1600 करोड़ रुपए के टर्नओवर में बदल चुका है। 7 गुजराती महिलाएं और 'लोहाना निवास' की छत बात है 1959 के गर्मियों की। मुंबई के गिरगांव के इलाके में लोहाना निवास नाम की एक इमारत थी। उसकी छत पर 7 गुज...

जीवन में कठिन समय से गुजरते समय याद रखने वाली 7 बातें

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  कभी-कभी जीवन में कठिन समय से गुजरते समय याद रखने वाली 7 बातें आप वास्तव में कठिन समय से गुजरेंगे। यह उस समय में होता है जब आप बार -बार असफल होते है और ऐसा महसूस होता है कि आपका जीवन कठिन हो रहा है, जिससे आप बहुत दुखी महसूस करते हैं। इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में, एक अच्छी मानसिकता बनाए रखना शायद सबसे महत्वपूर्ण बात है जो आप कर सकते हैं। यह आपको उत्साहित रहने, व्यर्थ दुःख से बचने, कठिन परिस्थितियों मे चतुराई से समाधान खोजने और अंततः स्थिति को चारों ओर से संभालने में मदद करेगा। मेरा मानना ​​है कि सकारात्मक रहने के लिए और लचीला रहने के लिए, कठिन होने पर ध्यान में रखने के लिए 7 महत्वपूर्ण विचार हैं। लोग अक्सर इन विचारों को भूल जाते हैं। उनकी सोच निराशावादी और उदासीन हो जाती है। लेकिन अगर आप इन विचारों को ध्यान में रखते हैं, तो वे आपकी भावनात्मक स्थिति और आपके सामने आने वाली चुनौती को पार करने की आपकी क्षमता के लिए चमत्कार करेंगे।   1.  समय चाहे अच्छा हो या बुरा, वह हमेशा के लिए नहीं रहता है।   जब कोई स्थिति आपको  परेशान कर रही है, तो ऐसा लग सकता है कि यह कभी खत्...

सपनों को कैसे पूरा करें: अपने लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए 7 आसान उपाय

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  सपनों को कैसे पूरा करें:  अपने लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए 7 आसान उपाय यह सच है कि हम सभी अपने लक्ष्यों, सफलता, योजनाओं, जीवन और अपने परिवार के बारे में बहुत सपने देखते हैं। लेकिन सवाल यह है कि वास्तव में हम में से कितने लोग अपने सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए काम करते हैं। शायद जवाब केवल 50% है जो वे सपने देखते है उन्हे हकिकत में साकार कर पाते है। बाकी सब केवल सपने देखते रह जाते है, उन्हे वास्तविक जीवन में पूर्ण नही कर पाते।  अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए युवावस्था उच्च समय है।  मैंने प्रक्रिया को 7 आसान चरणों में विभाजित किया है।  मैंने अपने सपनों पर ध्यान केंद्रित करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपने हाल के ब्लॉगों में बहुत कुछ  उल्लेख किया है। यह ब्लॉग उन सभी के लिए उत्तर है जिन्होंने पूछा है कि अपने सपनों को कैसे पूरा करें ... यह ब्लॉग आपको बताता है कि कैसे 7 आसान चरणों में अपने सपनों को  प्राप्त करें। आएँ शुरू करें। अपने सपनों को पूरा करने के लिए 7 आसान उपाय: Step 1: सपना सपने देखना तब शुरू होता है जब कोई चीज हमारे दिलो-दिमा...

मनुष्य की तीन शक्तियाँ

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  मनुष्य की तीन शक्तियाँ,,,,, मनुष्यमात्र में तीन शक्तियाँ हैं, करनेकी शक्ति, जाननेकी शक्ति और सुनने की शक्ति। कोई भी मनुष्य ऐसा नहीं कह सकता नि मै  कुछ भी नहीं करता हूँ और करना चाहता भी नहीं हू; मैं कुछ भी नहीं जानता हूँ और जानना चाहता भी नहीं हू: मैं कुछ भी नहीं मानता हूँ और मानना चाहता भी नहीं हूँ। मनुष्य करता भी है और करना चाहता भी है, जानता भी है और जानना चाहता भी है, मानता भी है और मानना चाहता भी है। अगर करना, जानना और मानना के साथ ''योग'' लग जाय तो ये तीनों मुक्ति देनेवाले हो जायेँगे करनेमें 'योग' होनेसे 'कर्मयोग' हो जायगा, जाननेमें 'योग' होनेसे 'ज्ञानयोग' हो जायगा और माननेमें 'योग' होनेसे 'भक्तियोग' हो जायगा।योग तब होगा, जब समता होगी_ 'समत्वं योग उच्यते' समता का मतलब है-राग-द्वेष, हर्ष-शोक न हो। एक विलक्षण बात है-: ऐसा कोई मनुष्य है ही नहीं, जो साधना न कर सके,और हर मनुष्य साधना कर सके यह भी संभव नही है।  मनुष्य चाहे तो साधन कर सकता है।  मनुष्य में करनेकी एक शक्ति है, आग्रह है।         ऐसा करके फिर क्या करे...

अपनी कमजोरियों से लड़ें-मजबूत बनें

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प्रिय पाठकों , युवावस्था जीवन का वसंतकाल है। ऊर्जा, शक्ति, उत्साह और उमंग से भरपूर जीवन, बचपन और युवावस्था की संधिवेला। इस आयु में यदि जीवन निर्माण का सही मार्गदर्शन मिल जाए तो जीवन के उपवन में अनेकानेक उपलब्धियों के पुष्प खिलते चले जाते हैं। युवावस्था जीवन के निर्माण की आयु है।इस अवस्था की नाजुकता को समझते हुए बच्चों को सही  मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से यह लेख प्रकाशित  कर रही हू ,जो कि आपको जीवन निश्चित मजबुती प्रदान करेगा।         अपनी कमजोरियों से लड़ें-मजबूत बनें संसार में कोई किसी को उतना परेशान नहीं करता, जितना कि मनुष्य के अपने दुर्गुण और दुर्भावनाएँ। दुर्गुण रूपी शत्रु हर समय मनुष्य के पीछे लगे रहते हैं, वे किसी भी समय उसे चैन नहीं लेने देते। कहावत है कि "अपनी अकल और दूसरों की संपत्ति, चतुर को चौगुनी और मूरख को सौगुनी दिखाई पड़ती है।" संसार में व्याप्त इस भ्रम को महामाया का मोहक जाल ही कहना चाहिए कि हर व्यक्ति अपने को पूर्ण निर्दोष और पूर्ण बुद्धिमान मानता है। न तो उसे अपनी त्रुटियाँ सूझ पड़ती हैं और न अपनी समझ में दोष दिखलाई पड़ता है। इस ...